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Showing posts from October, 2011

Blog Award!

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I am happy to receive this from  Namrata.  Thanks! The rule is to state 7 things about me;(Have chronicled enough on this

तुम

हर अनसुनी दुआ में हो तुम हर अनकही  अभिव्यक्ति में हो तुम
उस ओझल एहसास में हो तुम हर   दैनिक संघर्ष में हो तुम

छिपे बीते हुए कल की आड़ में छिपे आने वाले कल की आहट  में
बीतें हुए कल में यादों की तरह
आनेवाले पल में एक उमींद की तरह

हर दिन के खुलते पहर में हो तुम
उसी दिन की ढलती हुई शाम में हो  तुम
है यही वेदना की मेरे आज में नहीं हो तुम
पर इस  वेदना में भी  मेरी नम्रता हो तुम

हर उठती  गिरिती तरंग में हो तुम
हर उस झिलमिल एहसास में हो तुम जिससे है मेरी मुस्कराहट  निश्छल जिससे है मेरे आंसू बोझल 
जिसकी कहते है लोफ विभिन्न भावनाएं हर का स्त्रोत , हर का अंत हो तुम ...